BIhar Board Matric Long Question
Class 10th

बिहार बोर्ड मैट्रिक लॉन्ग प्रश्न !! Bihar Board Matric Long Question

BIhar Board Matric Long Question

(1) कवि ने डपाली किसे कहा और क्यों।

कवि ने भारतीय उन लोगों को डपाली कहा जो भर्ती है वर्ण व्यवस्था को मानते हैं यह लोग गुलामी करके ही जीना चाहते हैं अंग्रेजों को बंद करते हैं तथा अपने स्वदेशी वस्तु को झूठी प्रशंसा करते हैं और अपनी ही भारतीय भाषा को और बहुत ही प्रशंसक भारतीय हर चीजों को अंग्रेजों द्वारा बहुत ही नीचे गंदी ही नजर से अंग्रेजी लोग भारतीय हर चीजों को गंदी बुरी नजर से देखते हैं और यह अपनी प्रशंसा करते हैं भारत में उन लोगों को पेट को भरण पोषण के लिए निर्भर रहता है।

(2) कवि को भारत में भर्तियों क्यों नहीं दिखाई पड़ती।

भारत के लोगों को सभाव रीति रिवाज लगा आप सर अंग्रेजी जैसा हो गया हिंदू हो या मुसलमान या सिख हो या इसाई हो सभी अंग्रेजों जैसी दिखाई पड़ता है भारतीयों को पहचानना भी मुश्किल हो गया इस जमाने में विदेशी पढ़ाई विदेशी बुद्धि चाल चला नहीं सब विदेशी जैसी दिखाई पड़ती है इसी प्रकार कभी को भारत का महत्व नहीं दिखाई पड़ती है क्योंकि हर जगह जहां आप जिस जगह पर जाएं उस जगह पर अंग्रेजी जैसी चाल चलन रहन खाना-पीना दिखाई पड़ता है और उसी जिस तरह उन लोग को रहन सहन शीलता होती है उसी तरह लोग भी भारत में हर जगह पर फैलाई जा रही है और हर जगह व्यस्त दिखाई जा रहे हैं कभी को भारत में इसलिए दिखाई भर्ती नहीं पड़ती है।

10th Hindi VVI

(3) कवि समाज के किस वर्ग के लोशन करता है और क्यों।

कभी समाज के प्रबंध बार की आलोचना करता है क्योंकि प्रबंध वर्ग कहलाने वाले भारतीय लोग विदेशी विद्या पटकर विदेशी बुद्धि पाकर अपने संचरण को छोड़ दिया और भूल गया उन विदेशी चाल चलने को ही अच्छा लगता है जिन्होंने भारत को लोगों ने अपना तेज आ रहा हारेया बहुत ही बिस्तर वरना बात है बहुत ही गंदी सोच है जो भारतीय लोगों को वैसा ही अपना रहन-सहन रुचि मांस मांस अभाव को वैसा ही आलोचना से हर जगह पर अपनाई जा रही है।

(4) नेताओं के बारे में कवि का यह क्या राय है।

भारतीय नेताओं के बारे में कभी का यह राय है कि जब इन नेताओं को भारतीय डिजिटल लिए धोती नहीं संभाल पाती है तो फिर अपने देश को कैसे संभाल पाएंगे अभी का नहीं हरिपार हैं।

बिहार बोर्ड क्लास 10th हिंदी साहित्य

(5) भारत माता ग्रामवासिनी खेतों में फैला है श्यामला धूल भरा मेला सा आंचल गंगा यमुना में आंसू जल मिट्टी की प्रतिमा उदासी होकर बनी हुई है।

कभी कहते हैं कि गांव में निवास करती है खेतों में हरियाली फैली हुई है भारत माता का आंचल धूल से प्रीत है गंगा यमुना भारत माता की दो आंखें हैं जो आंसू से भरी है भारत माता मिट्टी की प्रतिमा की तरह उदास होकर बैठी हुई है यह पंक्ति भारत माता के लिए गया इनका रचेता सुमित आनंद पंत जी है। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी ने जनतंत्र का जन्म कविता से जनतंत्र की स्थापना की बात कही है सदियों से देशी विदेशी द्वारा शोषित भारत वेदना के सागर में दुआ है इस कविता में कवि ने नवीन भारत का नाश करता है जिससे जनता किस प्रशासन पर बैठने वाली है यही जनतंत्र का जन्म से बोला गया |

BIhar Board Matric Long Question

Leave a Reply

Your email address will not be published.